मानी बस मेरी ☺

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जिंदगी कारोबार सी बढ़ती रही, 

मुस्कान उसकी कर्जदार सी चढ़ती रही, 

मैं उसके मोहब्बत के लगान तले दबता चला गया, 

और आज आलम यह हुआ हैं कि, 

मेरा रोम रोम उसकी इबादत में डुब गया, 

मेरे जिया ज्यादा इसलिए क्यूँकि, 

मैं उससे प्यार करने लग गया, 

जिसने सुनी तो सबकी, 

पर मानी बस मेरी ☺

और खिल जाऐगी मेरी मुस्कान पहले जैसी!! 

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ये कैसी बेरूखी हुई जिंदगी की,

मुझ पर ही हँसी और मुझ से ही खफा हो गई, 

चल भी न पाई सही से, 

और ये कैसे, और किसी के हवाले हो गई, 

मुझे यकीन नहीं था, औरों पर कैसे,

फिदा मुझ से ज्यादा हो गई, 

राह भर ढुढ़ता रहा, 

राह मेरी राहों में कही खो गई, 

खुद की कभी हो न पाई,  

दुसरों के बाँहों में कैसे रो गई, 

दुसरा और कोई नहीं, 

उसकी का ही प्रतिबिंब रहा, 

मेरा क्या हैं यारों मैं तो ऐसे ही,

अकेला तन्हा बेजार, 

कर्मों के बाजार में बिकता रहा!! 
कभी-कभी खुद को ही mis कर लेता हूँ
क्या था मैं और अब क्या हूँ मैं, 

यही सोच कर चुप हो जाता हूँ, 

जैसे अबतक मैं बदला,  

वैसे ही कभी मेरी जिंदगी बदल कर, 

एक दिन मुझे मिल ही जाऐगी,

और खिल जाऐगी मेरी मुस्कान पहले जैसी!! 

सब के लिए सिर्फ राजीव☺

Love You All Friends ☺👍

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कलेजा फूँक्क जाता हैं, 

दिल जलने पर, 

पर इस जुबान का क्या करें,

जो अब भी गुण गाती हैं उनके!! 

😀😀😀😀

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नहीं याद करते मुझे वो,

जो डूबे हूऐ हैं कर्जों में मेरे,

पर जहाँ तक मुझे याद हैं,

आप लोगों ने मुझ से,

कुछ कर्जा नहीं लिया हैं!!
फिर आप लोग मुझ से क्यूँ घबराते हैं😀😀😀😀

जिंदा!!

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अपनी परवाह करता अगर,

तो कब का मर जाता हैं,

जिंदा हूँ,

बस उन के लिए,

जिन के लिए मैं जिंदा हूँ,

मरा समझते हैं मुझे,

वो लोग,

जिन की मैंने न मानी,

एक भी बात,

जिन की न करी,

मैनें चापलूसी,

कैसे जिंदा रहूँ उनके लिए,

जिन्हें मुझे देखते ही,

अपने मतलब याद आते हैं,

कैसे जिंदा हूँ उनके लिए,

जिन्हें मेरे जन्म से ही,

रहा अफसोस!!