EK SALUTE TOO BANTA HAI DOST…..😊😇😇😇😇😊👌👌👌👌👌👍

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इस जिन्दगी को कैसे देखूँ,

इस सीने से दिल को निकाल के कैसे फैंकूँ,

साला रोज तंग करता हैं,

साला रोज….. साला मुझ से ही जंग करता हैं,

अरे ये मेरा ही हैं ना,

कही सौतेला तो नहीं….!!!!

पर सोचने की यही तो बात हैं इसकी सौत हैं कौन…..!!!!!

कौन हैं कौन….. हैं वो…..!!!!

इसी सोच में ना जाने कितनो की जिन्दगी निकल जाती हैं,

और हमारी तो पिघल जाती हैं…..जिन्दगी….😀😀😀😀,

लिखने वाले सच में बहुत मेहनत करते हैं,

पहले अपने लिए लिखो,

फिर सामने वाले के लिए लिखो,

फिर दाँयें वाले के लिए लिखो,
फिर बाँये वाले के लिए लिखो,

फिर आगे वाले के लिए लिखो,

फिर पीछे वाले के लिए लिखो,

फिर ऊपर वाले के लिए लिखो,

फिर नीचे वाले के लिए लिखो,

और अगर अब भी दम बच जाऐ तो,

दोस्त, दुश्मन, अजनबी, पड़ोसी, रिश्तेदार, आलतू,फालतू दुनिया के बारे भी लिखो….😀😀😀😀😀,

सच में अब तो इस सर्दी में पसीने भी आने लग गऐ,

SAARE WRITTERS K LIYE,

EK SALUTE TOO BANTA HAI DOST…😊😇😇😇😇😊👌👌👌👌👌👍

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